PM नरेंद्र मोदी ने अण्डमान-निकोबार द्वीपसमूह में सुनामी पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रविवार को अंडमान-निकोबार (Andaman-Nicobar) में 2004 की सुनामी (2004 tsunami) में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी और इस मौके पर उन्होंने सी-वॉल समेत कई परियोजनाओं की नींव रखी.

    पीएम मोदी ने सात मेगावॉट के सौर विद्युत संयंत्र और सौर गांव का लोकार्पण भी किया

    पीएम मोदी ने कहा कि मैं कल काशी में था और आज यहां विराट समंदर की गोद में आप सभी के बीच मौजूद हूं. मां गंगा अपनी पवित्रता से जिस प्रकार भारत के जन-मानस को आशीर्वाद देती रही है

    उसी प्रकार ये सागर अनंत काल से मां-भारती के चरणों का वंदन कर रहा है, राष्ट्र की सुरक्षा और सामर्थ्य को ऊर्जा दे रहा है, उन्होंने कहा, ‘यहां लोग लंबे समय से समुद्री कटाव की समस्या को हल करने की मांग कर रहे हैं मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए एक समुद्री दीवार बनाने का फैसला किया है, जो आज ईंट हो जाएगी ” प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि यह दीवार जल्द ही बन जाएगी.

    मोदी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि देश का कोई भी कोना और उनके लोग विकास से वंचित न रहें.

    उन्होंने कहा कि सरकार निकोबार में लोगों की सुरक्षा के साथ युवाओं के लिए रोजगार, बच्चों के लिए शिक्षा, बुजुर्गों के लिए चिकित्सा देखभाल और किसानों के लिए सुविधाओं को सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है. इससे पहले, प्रधानमंत्री ने कार निकोबार के एक स्मारक में सुनामी पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी.

    पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि आपके पास प्रकृति का अद्भुत खजाना है, आपकी संस्कृति, परंपरा, कला और कौशल भी उत्कृष्ट हैं. बच्चों ने जिस कला को प्रदर्शित किया, वह नृत्य जो कुछ समय पहले यहां प्रस्तुत किया गया था, यह दर्शाता है कि भारत की सांस्कृतिक विरासत हिंद महासागर जितनी है.

    सुरक्षा के साथ-साथ पंचायत विकास का काम, बच्चों की पढ़ाई, युवाओं की कमाई, बढ़ती उम्र की दवा, किसान सिंचाई, जनसुनवाई, इन सभी सुविधाओं के लिए कार-निकोबार में काम किया जा रहा है.

    प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार अंडमान और निकोबार में रहने वाले हर नागरिक के लिए जीवन से जुड़ी हर व्यवस्था को आसान करने में जुटी है। सस्ता राशन हो, स्वच्छ पानी हो, गैस कनेक्शन हो, केरोसिन हो, हर सुविधा को आसान करने का प्रयास किया जा रहा है.

    केंद्र सरकार हमारे मछुआरों को सशक्त करने में जुटी है। हाल में ही देश में मछलीपालन को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए 7 हज़ार करोड़ रुपए के एक विशेष फंड का प्रावधान किया गया है। इसके तहत मछुआरों को उचित दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है

    उन्होंने कहा कि अंडमान-निकोबार के पर्यावरण को संरक्षित रखते हुए, सौर ऊर्जा की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है, तराशा जा रहा है। आज भारत दुनिया के उन देशों में है जहां सौर ऊर्जा का उत्पादन और उपयोग सबसे तेज़ी से बढ़ रहा है। सौर ऊर्जा से देश को सस्ती और ग्रीन एनर्जी देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं.

    मुस्तकीम पतंगवाला

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