राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए पसंद किए गए बच्चे की खुशी निराशा में बदल गई

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    कोडीनार तालुका के अरीठीया गांव के प्राथमिक विद्यालय में निलेश अभय सिंह भालिया उम्र वर्ष 9 साल क्लास 3 में और जयराज अजीत भाई गोहिल उम्र वर्ष 8 क्लास 2 में अभ्यास कर रहे हैं। सवा वर्ष विगत 23 सितंबर 2017 की शाम को जब यह दोनों बच्चे घर में खेल रहे थे तभी अचानक एक तेंदुआ आया और नीलेश को अपने मुंह में पकड़ लिया जयराज ने यह दृश्य देखा और बिना किसी डर के सूज बूझ दिखाएं और और तुरंत बाद उसके बाजू में गिरा पत्थर तेंदुए के मुंह पर फेंका। तेंदुए ने निलेश को तब भी नहीं छोड़ा।

    वह जिस खिलौने यानी कार से खेल रहे थे वह कार तेंदुए पर फेंकी तो एक विचित्र आवाज सुन के तेंदुए ने निलेश को अपने शिकंजे से मुक्त किया और वहां तेंदुआ भाग गया था। इस प्रकार से जयराज ने अपने दोस्त को तेंदुए के शिकंजे से बचा लिया और अनोखी दोस्ती निभाई।

    जय राज सिंह को नेशनल अवॉर्ड फॉर एडवेंचर के लिए चुना गया है और 26 जनवरी के प्रणाली के अनुसार पीएम मोदी द्वारा सम्मान और परेड में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है जो 14 जनवरी से उसके पिता के साथ दिल्ली पहुंच गया है।
    जीसस संगठन द्वारा देश के साहसिक बच्चों की पसंद की होती है वह संगठन इंडियन काउंसलिंग फॉर चाइल्ड वेलफेयर पर वितिय गड़बड़ी का आरोप लगा और देश का महिला कल्याण विकास मंत्रालय इस संगठन को हटा दिया है।

    जिसकी वजह से देश के साहसिक बाल वीरों को इस साल राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार और परेड में भाग लेने में हस्तक्षेप खड़े हुए हैं। गिर सोमनाथ के अरीठीया गांव के जय राज सिंह के सम्मान में हस्तक्षेप की खबर से गुजरात के एकमात्र राष्ट्रीय स्तर के लिए चुना गया जय राज सिंह और उनके परिवार के सदस्यों ग्रामीणों और स्कूल आचार्य सहित लोगों में निराशा के बादल छा गए हैं सहशिक बालक जय राज सिंह के परिवार सहित ग्रामीणों सरकार से मांग की गई है कि जय राजश्री जो कि गुजरात के गौरव है उसके सम्मान में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।

    जर्नलिज्म स्टूडेंट: किंजल शिकारी

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