सरदार पटेल की ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का बुधवार को पीएम मोदी ने किया अनावरण

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवड़िया में बुधवार को विश्व की सबसे ऊंची सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा का अनावरण किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी (Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti)
जयंती पर मूर्ति का उद्धघाटन किया. इसे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी नाम दिया गया है। इस मूर्ति की उंचाई 182 मीटर है जो दुनियाभर में इस तरह के बने स्टैच्यू में सबसे उंची होगी।

Statue of Unity
182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी कि इस मूर्ति को 7 किमी दूर से देखा जा सकता है। अहम बात ये है कि राज्य की असेंबली सीट 182 के बराबर ही इसकी ऊंचाई रखी है। आपको बता दें कि ऊंचाई में यह अमेरिका के स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी (93 मीटर) का दुगना है।

गुजरात में नर्मदा बांध के किनारे बनी ये मूर्ति न सिर्फ विश्व में सबसे ऊंची है बल्कि सबसे कम टाइम में तैयार भी हुई है. 182 मीटर की इस मूर्ति को बनने में सिर्फ 33 महीने का वक्त लगा.

चलिए अब आपको सरदार पटेल स्टैचू की 10 रोचक बातें बताते हैं

1- मूर्ति को लॉर्सन एंड टूब्रो कंपनी द्वारा बनाया गया है. इसे बनाने में 2,989 करोड़ रुपए का खर्च आया. स्टैचू ऑफ यूनिटी के बाहरी परत को बनाने में 1,700 टन पीतल का इस्तेमाल हुआ है. मूर्ति की आंतरिक बनावट में कंक्रीट सीमेंट और स्टील
का इस्तेमाल हुआ है.

2- इस जगह को टूरिस्ट के लिए आकर्षक बनाने के मकसद से यहां एक थ्री स्टार होटल, एक म्यूजियम और एक ऑडियो विजुअल गैलरी बनाई गया है.

3- मूर्ति के अंदर एक हाई स्पीड एलिवेटर लगाई गई है. इसके जरिए मूर्ति की छाती तक पहुंचा जा सकता है और नर्मदा डैम को ऊंचाई से देखने का लुत्फ उठाया जा सकता है. इस लिफ्ट में एक बार 200 लोग आ सकते हैं.

4- मूर्ति को 180 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ साथ रिक्टर स्केल पर 6.5 की तीव्रता वाले भूकंप को सहने की क्षमता वाला बनाया गया है.

5- सरदार पटेल की इस मूर्ति को बनाने में कई पेंच थे. न सिर्फ इसकी लंबाई बल्कि नर्मदा नदी के बीच में बनाना था. दूसरे सरदार पटेल की चलते हुए छवि दी गई है.

6- गुजरात सरकार केवदिया शहर से आने वाले लोगों के लिए 3.5 किलोमीटर लंबा हाईवे बना रही है.

7- इस मूर्ति को नोएडा के मूर्तिकार राम वी सूतर ने डिजाइन किया है.

8- यहां पर सेल्फी क्लिक करना बहुत ही आसान होगा. इस जगह पर एक सेल्फी प्वाइंट बनाया गया है जिससे लोग आराम से सेल्फी क्लिक कर पाएं.

9- साधु द्वीप को 320 मीटर लंबा पुल मुख्य जमीन से जोड़ता है.

10- मूर्ति को बनाने के लिए पूरे देश के गांवों से 135 मीट्रिक टन लोहा मांगा गया है.

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