कांग्रेस के भूतपूर्व नेता पर बनी फिल्म,अभिनेता अनुपम खेर का बयान

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द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर, संजय बारू की किताब 2014 से प्रभावित होकर 2018 में इस पर फिल्म बनाई गई है.


इस किताब में मनमोहन सिंह जोकि, नेता से अचानक प्राइम मिनिस्टर बन गए थे… उस बारे में दिया गया था उसी तथ्य को आगे रखते हुए .

द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर फिल्म बनाई गई है संजय बारू मनमोहन सिंह के काफी करीबी व्यक्ति है उन्होंने मनमोहन सिंह जी के चरित्र को नजदीक से देखा है उसी बात को ध्यान में रखते हुए उन्होंने किताब बनाई थी जो हाल ही में फिल्म स्वरूप आ रही है इस फिल्म में अनुपम खेर मनमोहन सिंह की भूमिका में दिखाई देंगे

ट्रेलर के अनुसार मनमोहन सिंह की भूमिका अदा कर रहे अनुपम खेर के काम की लोग काफी प्रशंसा कर रहे हैं

परंतु ट्रेलर के बाद कांग्रेस पार्टी वाले इससे बीजेपी का एजेंडा कह रहे हैं वहीं महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस इस फिल्म को रिलीज से पहले दिखाए जाने की मांग कर रहे हैं
अनुपम खेर का कहना है कि जितना ज्यादा वह विरोध करेंगे, उतना ज्यादा प्रचार हमें हासिल होगा .और आगे अनुपम का कहना है कि 2014 से किताब बाजार में है, तब से तो किसी ने विरोध नहीं किया.

फिल्म भी तो उसी किताब पर आधारित है .

महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस द्वारा बोले जाने पर अनुपम का कहना है की राहुल गांधी ने एक ट्वीट लिखा था, जिसमें फ्रीडम आफ एक्सप्रेशन के बारे में कहा था, तो “मैं समझता हूं” कि उन्हें डांटना चाहिए और कहना चाहिए कि आप लोग गलत कर रहे हैं .
जहां एक और कांग्रेस इसे भाजपा का दुष्प्रचार कह रहे हैं वहीं दूसरी ओर मनमोहन सिंह मौन है.

मनमोहन सिंह जवाहरलाल नेहरू के बाद इकलौते ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो लगातार दो बार प्रधानमंत्री बने और अपना 5 साल का कार्यकाल पूर्ण किया वह एक सफल अर्थशास्त्री भी रह चुके हैं ,उन्होंने कांग्रेस में वित्त मंत्री के तौर पर काफी प्रशंसा हासिल की थी .1985 में राजीव गांधी ने इन्हें भारतीय योजना आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया था ,जिस में इन्होंने निरंतर 5 वर्षों तक काम किया.

द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर के ट्रेलर में संजय बारू का किरदार अक्षय खन्ना निभा रहे हैं यह फिल्म 11 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.

चलिए आपको दिखाते हैं ट्रेलर के डायलॉग्स ,
1) मुझे तो डॉक्टर साहेब भीष्म जैसे लगते हैं, जिनमें कोई बुराई नहीं है, पर फैमिली ड्रामा के विक्टिम हो .
2) गए महाभारत में दो परिवार थे ,इंडिया में तो एक ही है.
3) 100 करोड़ की आबादी वाले देश को कुछ गिने-चुने लोग चलाते हैं ,यह देश की कहानी लिखते हैं .
4) न्यूक्लियर डील की लड़ाई हमारे लिए पानीपत की लड़ाई से भी बड़ी थी .
5) पूरे दिल्ली के दरबार में एक ही तो खबर थी, कि डॉक्टर साहेब को कब कुर्सी से हटाएंगे, और कब पार्टी राहुल जी को अभिषेक करेगी.
6) मुझे कोई क्रेडिट नहीं चाहिए. मुझे अपने काम से मतलब है, क्योंकि मेरे लिए देश पहले आता है.
7) मैं इस्तीफा देना चाहता हूं.
8) एक के बाद एक करप्शन स्कैंडल ,इस माहौल में राहुल कैसे टेकओवर कर सकता है.

अब फिल्म रिलीज होने के बाद ही पता चलेगा ,की फिल्म मैं डॉ मनमोहन सिंह का किरदार लोगों के मन को छूता है या नहीं?

जर्नलिज्म स्टूडेंट: हीना मन्सुरी

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