उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर क्रैश, पायलट समेत 6 लोगों की मौत

उत्तराखंड के चमोली जिले में बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा एक निजी हेलीकॉप्टर जोशीमठ के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में पायलट समेत हेलीकॉप्टर में सवार सभी 6 लोगों की मौत हो गई। विमान ने बद्रीनाथ से उड़ान भरी थी और कुछ समय बाद जोशीमठ घाटी के ऊपर उसका संपर्क टूट गया। हादसे के बाद विमानन सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है।

बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा हेलीकॉप्टर जोशीमठ के पास क्रैश, पायलट समेत 6 की मौत

उत्तराखंड के चमोली जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा एक निजी हेलीकॉप्टर 30 अक्टूबर 2026 को जोशीमठ के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में पायलट समेत हेलीकॉप्टर में सवार सभी 6 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने सभी लोगों की मौत की पुष्टि की है।

जानकारी के मुताबिक, यह हेलीकॉप्टर Trans Bharat Aviation Pvt. Ltd. द्वारा संचालित किया जा रहा था। विमान में एक पायलट और पांच यात्री सवार थे। हेलीकॉप्टर ने दोपहर करीब 1 बजकर 14 मिनट पर बद्रीनाथ हेलीपैड से देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड के लिए उड़ान भरी थी।

 

उड़ान के दौरान जोशीमठ घाटी के ऊपर हेलीकॉप्टर का संपर्क अचानक टूट गया। इसके बाद उसका ट्रैकिंग सिस्टम भी लोकेशन बताने में असमर्थ हो गया। कुछ समय बाद चमोली जिले के छाई गांव के पास जंगल और पहाड़ी इलाके में हेलीकॉप्टर का मलबा मिला। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, हेलीकॉप्टर पहाड़ी से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हुआ।

हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन टीम, SDRF और सेना की टीमों को मौके पर भेजा गया। राहत और बचाव अभियान के दौरान हेलीकॉप्टर में सवार सभी छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई। मृतकों में पांच यात्री और हेलीकॉप्टर के पायलट शामिल थे।

 

नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर का रजिस्ट्रेशन नंबर VT-HCX था और यह AS350B3 मॉडल का विमान था। मंत्रालय ने बताया कि दुर्घटना के प्रारंभिक आकलन के लिए DGCA की टीम देहरादून भेजी गई है।

हादसे के बाद उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) ने एहतियात के तौर पर Trans Bharat Aviation के पूरे हेलीकॉप्टर बेड़े को ग्राउंड कर दिया। यानी जांच और जरूरी सुरक्षा समीक्षा तक कंपनी के अन्य हेलीकॉप्टरों के संचालन पर रोक लगा दी गई है।

 

हेलीकॉप्टर दुर्घटना की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। उड़ान के समय पहाड़ी क्षेत्र में मौसम और बर्फबारी की स्थिति को भी जांच के दायरे में रखा जा रहा है। हालांकि, मौसम को हादसे का निश्चित कारण बताने के लिए अभी आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार करना होगा।

इस दुर्घटना की जांच Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) को सौंपी गई है। जांच एजेंसी विमान की तकनीकी स्थिति, उड़ान से जुड़े रिकॉर्ड, मौसम की परिस्थितियों और अन्य संभावित कारणों की पड़ताल करेगी।

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवाएं श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण साधन हैं। लेकिन पहाड़ी रास्तों, संकरी घाटियों और तेजी से बदलते मौसम के कारण इन उड़ानों में विशेष सावधानी की जरूरत होती है। इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर संचालन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

फिलहाल प्रशासन और जांच एजेंसियां दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए यह बेहद दुखद घटना है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।