Story Entry Title Ahmedabad RTO Action: Rapido, Ola और Uber को नोटिस, लाइसेंस रद्द होने का भी खतरा
अहमदाबाद: Rapido, Ola और Uber जैसी लोकप्रिय राइड-बुकिंग कंपनियों के खिलाफ अहमदाबाद क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ने कार्रवाई शुरू की है। 27 अक्टूबर 2026 को इन कंपनियों को नोटिस जारी किए गए। परिवहन विभाग ने सवाल उठाया है कि क्या कंपनियां अपने लाइसेंस में निर्धारित अनुमति से बाहर जाकर निजी वाहनों का इस्तेमाल यात्रियों को भुगतान के बदले सफर कराने के लिए कर रही हैं।
28 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, तीनों कंपनियों को सात दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब देने के लिए कहा गया है। नोटिस में यह भी पूछा गया है कि नियमों के कथित उल्लंघन के कारण उनके एग्रीगेटर लाइसेंस को निलंबित या रद्द क्यों न किया जाए।
निजी बाइक से टैक्सी सेवा देने पर सवाल
RTO की कार्रवाई का प्रमुख मुद्दा निजी नंबर प्लेट वाले दोपहिया वाहनों का व्यावसायिक इस्तेमाल है। परिवहन विभाग के अनुसार, राइड एग्रीगेटर कंपनियों को अपने लाइसेंस में निर्धारित वाहन श्रेणियों के तहत ही सेवाएं उपलब्ध करानी चाहिए।
विभाग ने Ola की संचालक कंपनी ANI Technologies Pvt Ltd से निजी मोटरसाइकिलों के जरिए भुगतान वाली राइड उपलब्ध कराने के संबंध में सवाल किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के लाइसेंस में ऑटो रिक्शा, टैक्सी और व्यावसायिक रूप से पंजीकृत दोपहिया वाहनों की श्रेणियां शामिल हैं।
Uber India Systems Pvt Ltd को भी इसी तरह का नोटिस मिला है। विभाग ने सवाल उठाया है कि कंपनी के लाइसेंस में ऑटो रिक्शा और चार पहिया टैक्सी की अनुमति होने के बावजूद उसके प्लेटफॉर्म पर निजी पंजीकरण वाली मोटरसाइकिलों से राइड कैसे उपलब्ध कराई जा रही है।
Rapido से भी मांगा गया जवाब
Rapido की संचालक कंपनी Roppen Transportation Services Pvt Ltd को बाइक टैक्सी के साथ-साथ चार पहिया टैक्सी सेवाओं को लेकर भी सवालों का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के लाइसेंस में परिवहन श्रेणी के ऑटो रिक्शा शामिल हैं, जबकि विभाग ने निजी मोटरसाइकिलों और टैक्सियों को प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर आपत्ति जताई है।
RTO ने इन मामलों में Motor Vehicle Aggregator Guidelines, 2020 और परिवहन विभाग के अन्य नियमों का हवाला दिया है। हालांकि, नोटिस जारी होना अपने आप में लाइसेंस रद्द होने का अंतिम आदेश नहीं है। आगे की कार्रवाई कंपनियों के जवाब और विभाग के निर्णय पर निर्भर करेगी।
ऑटो और टैक्सी यूनियनों की शिकायतें भी चर्चा में
ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं को लेकर ऑटो रिक्शा और टैक्सी यूनियनें पहले भी आपत्तियां उठाती रही हैं। यूनियनों की प्रमुख चिंताओं में निजी नंबर प्लेट वाले वाहनों का व्यावसायिक इस्तेमाल, किराए से जुड़े विवाद और नियमों का पालन शामिल हैं।
सितंबर 2026 में अहमदाबाद में हुई बातचीत के दौरान गुजरात सरकार ने निजी वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल और नियमों का उल्लंघन करने वाले एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके बाद RTO की ताजा कार्रवाई को ऐप आधारित परिवहन सेवाओं के नियमन से जोड़कर देखा जा रहा है।
यात्रियों और ड्राइवरों पर क्या असर पड़ सकता है?
फिलहाल अहमदाबाद में इन नोटिसों के आधार पर तीनों कंपनियों की सभी सेवाओं पर प्रतिबंध लगने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए यात्रियों को अपनी राइड की उपलब्धता के बारे में संबंधित ऐप पर जानकारी जांचनी चाहिए।
यदि परिवहन विभाग आगे चलकर किसी वाहन श्रेणी या सेवा पर प्रतिबंध लगाता है, अथवा लाइसेंस के संबंध में कोई आदेश जारी करता है, तो संबंधित सेवाओं और ड्राइवरों पर असर पड़ सकता है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कंपनियों के जवाब के बाद RTO क्या अंतिम फैसला लेगा।
आगे क्या होगा?
Rapido, Ola और Uber को सात दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। इसके बाद परिवहन विभाग उनके जवाब और लाइसेंस की शर्तों के आधार पर आगे की कार्रवाई पर निर्णय ले सकता है। संभावित कार्रवाई में लाइसेंस को निलंबित या रद्द करने का विकल्प भी नोटिस में शामिल है, लेकिन ऐसा कोई अंतिम निर्णय अभी इस रिपोर्ट के आधार पर घोषित नहीं किया गया है।
खबर का निष्कर्ष
अहमदाबाद RTO की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यह जांचना है कि Rapido, Ola और Uber की सेवाएं लाइसेंस की शर्तों और वाहन पंजीकरण संबंधी नियमों के अनुरूप चल रही हैं या नहीं। आने वाले दिनों में कंपनियों के जवाब और विभाग के फैसले से इस मामले की अगली स्थिति स्पष्ट होगी।
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